देहरादूनः दलहन उत्पादन बढ़ाने को माइक्रोप्लानिंग पर जोर

देहरादून, 11 अगस्त। जिला प्रशासन ने दलहनों में आत्मनिर्भरता और डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत एग्रीस्टैक योजना को धरातल पर उतारने की तैयारी तेज कर दी है। डीएम डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को जिले में अरहर, उड़द और मसूर के उत्पादन और क्षेत्रफल बढ़ाने के लिए माइक्रोप्लानिंग के तहत क्लस्टर चिन्हित करने को कहा।
समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने कृषि सेवाओं को पारदर्शी और त्वरित बनाने के लिए किसानों व उनकी कृषि भूमि के आंकड़ों को डिजिटल रूप में व्यवस्थित करने पर जोर दिया। कहा कि किसानों को उन्नत बीज वितरण, बीज उत्पादन और आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण देकर दलहन का रकबा बढ़ाया जाए।
जिलाधिकारी ने इंटर-क्रॉपिंग और बंजर भूमि को उपयोग में लाने के निर्देश दिए। कहा कि किसानों को गन्ने की पंक्तियों के बीच खाली जगह में दालों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाए। जो बिना उपयोग वाली कृषि भूमि को तैयार कर दलहन उत्पादन का क्षेत्रफल विस्तार किया जाए। धान-गेहूं के पारंपरिक फसल चक्र के बीच दलहन को शामिल करें।
मुख्य कृषि अधिकारी देवेंद्र राणा ने बताया कि जनपद में उड़द वर्तमान में 470 हेक्टेयर क्षेत्रफल से 274 मीट्रिक टन उत्पादन हो रहा है। वर्ष 2030-31 तक इसका क्षेत्रफल बढ़ाकर 754 हेक्टेयर और उत्पादन लक्ष्य 765 एमटी रखा गया है।
अरहर वर्तमान में 286 हेक्टेयर क्षेत्रफल से 367 एमटी उत्पादन हो रहा है। इसे बढ़ाकर 457 हेक्टेयर और उत्पादन लक्ष्य 686 एमटी तय किया गया है। मसूर वर्तमान में 242 हेक्टेयर क्षेत्रफल से 146 एमटी उत्पादन हो रहा है। इसे बढ़ाकर 427 हेक्टेयर और उत्पादन लक्ष्य 453 एमटी निर्धारित किया गया है।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशा) स्मृता परमार, मुख्य उद्यान अधिकारी डीके तिवारी आदि अधिकारी मौजूद रहे।



