उत्तराखंडः शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर

देहरादून, 24 अगस्त। उत्तराखंड को वर्षभर पर्यटन का प्रमुख गंतव्य बनाने के लिए नए पर्यटन स्थल, उत्पाद और सर्किट विकसित किए जाएंगे। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।
गुरुवार को सचिव पर्यटन के साथ बैठक में सीएस ने राज्य में विंटर टूरिज्म की संभावनाओं, नए स्थलों के विकास और पर्यटन गतिविधियों पर चर्चा की। कहा कि उत्तराखंड में पर्यटन को नैनीताल और मसूरी तक सीमित न रखते हुए कम ज्ञात क्षेत्रों को विकसित और प्रचारित किया जाए, ताकि प्रमुख पर्यटन स्थलों पर दबाव कम हो।
उन्होंने जीएमवीएन, केएमवीएन और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारकों से सुझाव लेकर विंटर टूरिज्म की संभावनाओं वाले क्षेत्रों की पहचान करने के निर्देश दिए। प्रत्येक स्थल की विशेषता और यूएसपी के अनुरूप पर्यटन गतिविधियां विकसित करने को कहा गया।
मुख्य सचिव ने नए ट्रैकिंग रूट, हाई-अल्टीट्यूड मैराथन, बर्ड वॉचिंग, नेचर और एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उन्होंने स्थानीय लोगों, टूर ऑपरेटरों और अन्य हितधारकों को योजनाओं में शामिल करने की आवश्यकता बताई, ताकि रोजगार बढ़ने के साथ रिवर्स माइग्रेशन को भी प्रोत्साहन मिले।
उन्होंने वैश्विक स्तर पर सफल पर्यटन मॉडलों का अध्ययन करने और जागेश्वर, कसार देवी व सूर्य मंदिर जैसे स्थलों को जोड़कर पैकेज टूर विकसित करने के निर्देश दिए। नए पर्यटन प्रोजेक्टों की समीक्षा के लिए 15 दिन में फिर बैठक होगी।
बैठक में इसके अलावा विंटर टूरिज्म पर पर्यटन कॉन्क्लेव आयोजित करने पर भी चर्चा हुई। मौके पर सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



