देहरादूनः नशे के खिलाफ सख्ती, ब्रेक होगी सप्लाई चेन

देहरादून। जिले में नशीली दवाओं और अवैध मादक पदार्थों की तस्करी को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला स्तरीय नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन समिति की बैठक में जागरूकता से लेकर कानूनी कार्रवाई तक पर चर्चा की गई।
बुधवार को अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) केके मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में एडीएम ने कहा कि नशे की समस्या केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने शिक्षण संस्थानों, पंचायतों और सामाजिक संगठनों के माध्यम से व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
उन्होंने विद्यालयों के आसपास सीसीटीवी निगरानी बढ़ाने, सभी संस्थानों में एंटी-ड्रग्स कमेटियों को सक्रिय करने और हेल्पलाइन नंबर 1933, एनसीवी मानस पोर्टल व जिला डी-एडिक्शन सेंटर हेल्पलाइन 9625777399 के प्रचार-प्रसार पर जोर दिया।
युवाओं में बढ़ते केमिकल नशे पर चिंता जताते हुए उन्होंने एएनटीएफ, एसटीएफ, पुलिस, एनसीबी और औषधि विभाग को मिलकर ड्रग्स सप्लाई चेन तोड़ने के निर्देश दिए। कॉलेजों में औचक निरीक्षण और संदिग्ध मामलों की रैंडम सैंपलिंग भी सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में बताया गया कि जिले में 84 पंजीकृत व 2 अपंजीकृत नशामुक्ति केंद्र चिन्हित किए गए, जिनमें से 23 बंद पाए गए और 15 पर कार्रवाई हुई। 711 छात्रों के ड्रग्स सैंपल की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। रायावाला स्थित नशामुक्ति केंद्र में 6 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं, जबकि 14 का उपचार जारी है।
बैठक में एसडीएम सदर कुमकुम जोशी, सीओ पुलिस जगदीश पंत, जिला आबकारी अधिकारी वीके जोशी, एसीएमओ डॉ. दिनेश चौहान, अपर समाज कल्याण अधिकारी पूनम चमोली, ड्रग्स इंस्पेक्टर विनोद जगूडी, सीईओ वीके ढ़ौडियाल, आसरा ट्रस्ट से सुप्रिया आदि मौजूद रहे।



