बुजुर्ग अनुभव और संस्कार का आधारः धामी

देहरादून, 1 अक्टूबर। अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर नींबूवाला स्थित हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिव्यांगजन सिविल सर्विस कोचिंग का शुभारंभ किया। इस अवसर पर 23 वरिष्ठ नागरिकों और निबंध व पेंटिंग प्रतियोगिता के छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने वन क्लिक से सितंबर माह की पेंशन राशि का भुगतान किया। इसके तहत 9,93,886 पेंशनरों को 147 करोड़ 34 लाख 53 हजार रुपये की पेंशन जारी की गई। उन्होंने वरिष्ठजनों के कल्याण की शपथ दिलाने के साथ परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वरिष्ठजन परिवार के लिए अनुभव और संस्कार का आधार हैं। उनके सम्मान, सुरक्षा और सुविधाओं का ध्यान रखना सरकार की जिम्मेदारी है। बताया कि राज्य में वरिष्ठ नागरिकों को प्रतिमाह 1,500 रुपये पेंशन दी जा रही है। पति-पत्नी दोनों को अलग-अलग पेंशन का लाभ मिलता है।
उन्होंने कहा कि बागेश्वर, चमोली और उत्तरकाशी में राजकीय वृद्धाश्रम संचालित हैं, जबकि देहरादून, अल्मोड़ा और चम्पावत में नए वृद्धाश्रमों का निर्माण कराया जा रहा है। सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम लागू किया है। दीनदयाल मातृ-पितृ तीर्थाटन योजना के तहत वरिष्ठजनों को निःशुल्क यात्रा की सुविधा भी दी जा रही है।
इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, दायित्वधारी रामचंद्र गौड़, मीडिया सलाहकार समिति अध्यक्ष प्रो. गोविंद बिष्ट, सचिव श्रीधर बाबू अद्यांकी, निदेशक संजय कुमार, निदेशक जनजाति कल्याण संजय सिंह टोलिया, संयुक्त निदेशक जी.आर. नौटियाल, पूजा नेगी, हेमलता पाण्डेय, गोरधन सिंह आदि मौजूद रहे।



