अपीलः नशे को पूरी मजबूती से ‘ना’ कहें युवाः सीएम धामी
नशामुक्त भारत अभियान के पांच वर्ष पूरे होने पर दून में कार्यक्रम आयोजित

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को राज्य स्तरीय कार्यक्रम में नशामुक्त भारत अभियान के पांच वर्ष पूर्ण होने पर प्रतिभाग किया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने साथियों को भी नशे के लिए मजबूती से “ना” कहने के लिए प्रेरित करें।
कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में समाज की सक्रिय भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। नशा केवल एक बुरी आदत नहीं, बल्कि समाज को भीतर से खोखला करने वाली गंभीर समस्या है, जो व्यक्ति की चेतना, विवेक और निर्णय क्षमता को नष्ट कर उसके भविष्य को अंधकार की ओर ले जाती है।
धामी ने बताया कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से राज्य सरकार “ड्रग्स फ्री उत्तराखंड” के संकल्प की दिशा में मिशन मोड में कार्य कर रही है। वर्ष 2022 में गठित त्रिस्तरीय एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने तीन वर्षों में छह हजार से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी और 200 करोड़ रुपये से अधिक के मादक पदार्थों की बरामदगी कर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
उन्होंने कहा कि सरकार नशे की रोकथाम के साथ-साथ नशाग्रस्त व्यक्तियों के पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दे रही है। प्रदेश में संचालित नशा मुक्ति केंद्र उपचार, परामर्श और पुनर्वास की बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध करा रहे हैं। इसके अलावा ऋषिकेश स्थित संस्थान की सहायता से एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी (ATF) भी संचालित की जा रही है। राज्य के सभी जनपदों के शिक्षण संस्थानों में एंटी-ड्रग कमेटियाँ गठित की गई हैं।
सीएम ने बताया कि पारंपरिक “ऐपण कला” को भी इस अभियान से जोड़ा गया है तथा नशा-विरोधी संदेशों वाली ऐपण पेंटिंग्स विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों में प्रदर्शित की जा रही हैं। युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के लिए “दगड़िया क्लब” भी बनाए गए हैं।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नशामुक्त भारत अभियान की शपथ दिलाई और राज्य स्तरीय भाषण व निबंध प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया। मौके पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक सविता कपूर आदि मौजूद रहे।



