पौड़ी गढ़वालशख्सियत

डोला-पालकी आंदोलन के प्रणेता जयानंद भारती को किया याद

बीरोंखाल (पौड़ी गढ़वाल), 17 अक्टूबर। स्वतंत्रता सेनानी एवं समाज सुधारक उत्तराखंड रत्न कर्मवीर जयानंद भारती ने अंग्रेज अधिकारी लॉर्ड मैलकम हेली के सामने तिरंगा फहराकर ‘गो बैक मैलकम हेली’ के नारे लगाए थे। उनके साहस से प्रभावित होकर मैलकम हेली ने कहा था कि यदि जयानंद भारती पिस्तौल निकालकर उन्हें मार भी देते, तो वह उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकते थे।

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने शनिवार को जयानदं भारती की 146वीं जयंती पर राइंका स्यूंसी में आयोजित दो दिवसीय राजकीय मेले में यह बात कही। महाराज ने कहा कि जयानंद भारती का जीवन त्याग, संघर्ष, सामाजिक न्याय और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। उन्होंने अंग्रेजी शासन के दौर में देश की आजादी के लिए संघर्ष करने के साथ समाज में व्याप्त छुआछूत, भेदभाव और कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई।

उन्होंने कहा कि जयानंद भारती का ऐतिहासिक डोला-पालकी आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान रहा। उस समय समाज के कुछ वर्गों को विवाह जैसे अवसरों पर डोला-पालकी के इस्तेमाल से वंचित रखा जाता था। भारती ने इस अन्यायपूर्ण व्यवस्था का विरोध कर सामाजिक समानता की लड़ाई लड़ी। उनका संदेश था कि व्यक्ति को जाति, वर्ग और सामाजिक स्थिति से परे सम्मानपूर्वक जीवन जीने का समान अधिकार मिलना चाहिए।

महाराज ने कहा कि प्रदेश सरकार सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों और महान विभूतियों की स्मृतियों को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है। नई पीढ़ी को स्वतंत्रता सेनानियों और समाज सुधारकों के योगदान से परिचित कराना आवश्यक है। बताया कि भारती के जर्जर भवन के जीर्णोद्धार के अनुरोध पर मुख्यमंत्री ने सहमति दी है।

मौके पर पौड़ी विधायक राजकुमार पोरी, शक्तिलाल शाह, जिपंस रजनी रावत, भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य सुयश रावत, मडल अध्यक्ष ओमपाल बिष्ट, महिपाल नेगी, शैलेश दर्शन, दर्शन सिंह रिंगोड़ा, नीलम, प्रीति देवी, विनय आर्य, ब्लॉक प्रमुख नेहा नेगी, कुलदीप नेगी, सोनिया वालिया आदि मौजूद रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button