पत्रकार दीवान नगरकोटी पर केंद्रित किताब लोकार्पित

देहरादून, 23 अक्टूबर। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में शोधार्थी, पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता दीवान नगरकोटी पर केंद्रित स्मृति पुस्तक ‘यादों में दीवान नगरकोटी’ का अनावरण किया गया। पुस्तक में उनके साथियों के संस्मरणों के साथ लेख और दुर्लभ छायाचित्र संकलित हैं। इस अवसर पर वक्ताओं ने शोध, पत्रकारिता और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया।
पुस्तक का संपादन अरुण कुकसाल, वरिष्ठ पत्रकार जगमोहन रौतेला और चन्द्रशेखर तिवारी ने किया है। कार्यक्रम मं् दून पुस्तकालय के अध्यक्ष और गिरि विकास अध्ययन संस्थान, लखनऊ के पूर्व निदेशक प्रो. बीके जोशी ने दीवान नगरकोटी के साथ अपने लंबे जुड़ाव को साझा किया।
उन्होंने बताया कि दीवान नगरकोटी उत्तराखंड के सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण से जुड़ी शोध परियोजना में उनके सहयोगी रहे। पर्वतीय समाज की गहरी समझ रखने वाले दीवान को उन्होंने विनम्र और कर्मठ व्यक्ति बताया। उनके असामयिक निधन को प्रो. जोशी ने सभी के लिए बड़ा आघात बताया।
उन्होंने कहा कि शोध परियोजना में प्रदीप टम्टा, चन्द्रशेखर तिवारी, अरुण कुकसाल और मंगल सिंह सहित कई युवा जुड़े थे। दीवान नगरकोटी ने अजीम प्रेमजी फाउंडेशन में प्रशिक्षक के रूप में भी योगदान दिया। अल्मोड़ा में पत्रकारिता के दौरान उन्होंने अपनी पहचान बनाई। उनका जीवन शोध, पत्रकारिता और सामाजिक कार्यों के माध्यम से पहाड़ के समाज और उसकी समस्याओं के प्रति प्रतिबद्ध रहा। स्मृति पुस्तक उनके विचारों और योगदान को संजोने का प्रयास है।
कार्यक्रम में प्रवीन भट्ट, रानू बिष्ट, डीके पाण्डे, ललता प्रसाद, राजेंद्र कुकसाल, सुंदर सिंह बिष्ट, प्रेम पंचोली, कल्याण सिंह रावत, बंसती बिष्ट, योगेश भट्ट, राहुल कोटियाल, हेम पंत, दयाल पाण्डे आदि मौजूद रहे।



