उत्तराखंड

पूर्णागिरी मेले की तैयारियों पर सीएम ने दिए खास निर्देश

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को एनएचपीसी बनबसा में उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध मां पूर्णागिरी मेले की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम, सुरक्षित हो। श्रद्धालुओं को यात्रा व पैदल मार्गो पर किसी तरह की कोई दिक्कत न हो, इसका विशेष रूप से ध्यान रखा जाए।

उन्होने कहा सभी की सहभागिता से पूर्णागिरी मेले को नया स्वरूप देना है। हमारा संकल्प है कि पूर्णागिरी मेले से श्रद्धालु अच्छा अनुभव लेकर जाए। मुख्यमंत्री ने जिला पंचायत द्वारा मेले के अंतर्गत मुंडन के लिए ली जाने वाली धनराशि पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कम से कम शुल्क लेने के निर्देश दिए। कहा शासन प्रशासन का ध्येय लोगों को सहूलियत पहुंचाना है।

मुख्यमंत्री ने बनबसा कैनाल क्षेत्र में एक हज़ार लोगों के लिए रैन बसेरे की व्यवस्था किए जाने के भी निर्देश दिए। कहा स्थानीय लोगों, मंदिर समिति व प्रशासन के सहयोग से शारदा और बूम घाट में नियमित रुप से भव्य शारदा आरती का आयोजन हो। श्रद्धालुओं को अधिक से अधिक इस आरती से जोड़ा जाए व आरती के लिए जागरूक किया जाए।

मुख्यमंत्री ने शारदा कॉरीडोर (शारदा रिवर फ्रंट डेवलपमेंट) के विकास कार्य बारे में भी जानकारी ली। कहा कि शारदा कॉरिडोर का भव्य निर्माण हो, इसके लिए यू.आई.डी.बी को जिम्मेदारी दी गई है। कहा क्षेत्र का विकास दीर्घकालीन विजन के साथ किया जाए। हमे वर्तमान के साथ भविष्य के विकास को भी ध्यान के रखना है। कहा सभी विभाग, पूर्णागिरी मेला क्षेत्र में अस्थायी की जगह स्थायी व्यवस्थाओं को अधिक प्रथमिकता दे। मुख्यमंत्री ने विभागों को मेले के लिए मैनपावर का आंकलन करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा अनुसार पैदल मार्गो पर स्वास्थ्य शिविरों, डॉक्टरों की तैनाती, आवशक दवाईयों की व्यवस्था की जाएं। यात्रा मार्ग पर पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था हो। पूर्णगिरी क्षेत्र के लिए अतिरिक्त पेयजल योजना बनाई जाए। कहा पूर्णागिरी व टनकपुर क्षेत्र में जनसहभागिता से विशेष स्वच्छता कार्यक्रम चलाए जाए। मार्गो पर बने शौचालयों में भी स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए।

उन्होंने कहा पूर्णागिरी क्षेत्र में यातायात व्यवस्थाओं को सुगम संचालन हो। आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग की भी पर्याप्त व्यवस्था हो। मार्गो पर पुलिस की अस्थायी चौकी व खोया पाया केंद्र की व्यवस्था हो। संपूर्ण यात्रा मार्ग पर हाईमास्क लाइट, सौर ऊर्जा, स्ट्रीट लाइट लगाए जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्णागिरी मेले में आने वाले श्रद्धालु अधिक से अधिक दिनों तक क्षेत्र में रुके व आसपास के पर्यटक स्थलों का दीदार करें, इसके लिए योजना बनाई जाए। कहा मेले में स्थानीय उत्पादों की उपलब्धता हो इसके लिए स्थानीय उत्पादों के स्टॉल खोले जाए। साथ ही प्लास्टिक फ्री पूर्णागिरी यात्रा पर भी कार्य हो।

मुख्यमंत्री ने पूर्णगिरि मेले में स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़े जाने, मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पर्यटन स्पॉट का विकास, बच्चों के लिए पार्क एवं मेले के साथ ही साहसिक खेलों को भी आगे बढ़ाने की बात कही। मुख्यमंत्री ने पूर्णागिरि मंदिर के लिए पूर्व में की गई घोषणाओ के अंतर्गत कराए जा रहे कार्यों की समीक्षा भी की। कहा कि संचार व्यवस्था के लिए स्वीकृति दो मोबाइल टावरों को शीघ्र लगाया जाए। संपूर्ण पूर्णागिरी मंदिर, पैदल मार्ग , गाड़ी मार्ग में संचार व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

उन्होने बाटनागाढ पुल निर्माण कार्य, पूर्णागिरी मुख्य मंदिर से काली मंदिर तक व्यकल्पिक पैदल मार्ग, रोपवे निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्थायी मेला कार्यालय, सामुदायिक भवन का व्यवस्था किए जाने के भी निर्देश दिए।

इस दौरान अध्यक्ष जिला पंचायत ज्योति राय, दर्जा राज्यमंत्री डॉ. अनिल डब्बू, जिलाध्यक्ष भाजपा निर्मल माहरा, पूर्णागिरी मंदिर समिति अध्यक्ष किशन तिवारी, सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, डीएफओ आरसी कांडपाल, अपर जिलाधिकारी हेमंत कुमार वर्मा, सीडीओ संजय सिंह, जीएम एनएचपीसी राजिल व्यास आदि मौजूद रहे।

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