ऋषिकेश न्यूजएजुकेशन

NGA के छात्रों ने किया कुरुक्षेत्र, करनाल और चंडीगढ़ का शैक्षिक भ्रमण

Educational Tour : ऋषिकेश। निर्मल आश्रम ज्ञानदान अकादमी (NGA) के छात्र-छात्राओं ने तीन दिनों में कुरुक्षेत्र, करनाल और चंडीगढ़ का शैक्षिक भ्रमण किया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने ऐतिहासिक स्थलों, सांस्कृतिक केंद्रों, संग्रहालयों और प्रदर्शनियों को करीब से देखा।

निर्मल आश्रम महंत बाबा रामसिंह महाराज और संत बाबा जोधसिंह महाराज के मार्गदर्शन में एनजीए की कक्षा 12वीं के 45 छात्रों का एक दल ने प्रधानाचार्या डॉ. सुनीता शर्मा, हेडमिस्ट्रेस अमृतपाल डंग, परीक्षा नियंत्रक सरबजीत कौर, प्रशासनिक अधिकारी विनोद विजल्वाण, राजबाला नौटियाल, ज्योति वर्मा और वरिष्ठ खेल शिक्षक दिनेश पैन्यूली की अगुवाई में कुरुक्षेत्र, करनाल और चंडीगढ़ का भ्रमण किया। प्रिंसिपल डॉ. सुनीता शर्मा ने कहा कि व्यावहारिक ज्ञान के लिए शैक्षिक भ्रमण उपयोगी रहता है। इसके बाद छात्रों में पैदा जिज्ञासा और आत्मविश्वास उनकी शिक्षा में आगे काम आता है।

दिनेश पैन्यूली ने बताया कि सबसे पहले दल ने कुरुक्षेत्र में छठी पातशाही गुरुद्वारे के दर्शनों के साथ उन्हें गुरुद्वारे के महत्व से अवगत कराया गया। उन्होंने पैनोरमा और विज्ञान केंद्र में कुरुक्षेत्र के महाभारत युद्ध की चित्रमाला के अलावा भारत-विज्ञान, प्रौद्योगिकी और संस्कृति, भारत-ए विरासत नामक प्रदर्शनी को भी देखा। जिसमें पदार्थों के गुणों, परमाणु की संरचना, ज्यामिति, अंकगणितीय नियम, खगोल विज्ञान, दवा और सर्जरी की प्राचीन भारतीय अवधारणा पर काम करने और संवादात्मक प्रदर्शन शामिल हैं।

इसके बाद कुरुक्षेत्र में श्रीकृष्ण संग्रहालय में भगवान श्रीकृष्ण के सभी स्वरूपों और अवतारों की जानकारी से छात्र अवगत हुए। विद्यार्थियों ने यहां ब्रह्म सरोवर को भी देखा। दूसरे दिन उन्होंने चंडीगढ़ स्थित छतबीड़ जू देखा। जहां 116 प्रजातियों के तकरीबन 1600 के पशु-पक्षी मौजूद हैं। विद्यार्थियों को रॉयल बंगाल टाइगर, एशियाई शेर, तेंदुआ, हिप्पो, हाथी, केट, अफ्रीकी भैंस, मगरमच्छ, घड़ियाल, बाइसन, सिवेट कैट, हिमालयन काला भालू, हिरण, मृग, मकाक खूब भाए।

तीसरे दिन छात्र बाबा रामसिंह महाराज के मार्गदर्शन में करनाल स्थित निर्मल कुटिया पहुंचे। जहां पर वृद्धाश्रम एवं अनाथालय, गौशाला मौजूद है। सभी ने यहां समाजसेवा का अद्भुत रूप देखा। साथ ही बाबा रामसिंह महाराज और बाबा जोध सिंह महाराज के प्रयासों को सराहते हुए उनसे आशीर्वाद लिया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button