
देहरादून, 22 अक्टूबर। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा को अधिक प्रभावी, सुदृढ़ और जनोपयोगी बनाने के लिए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।
गुरुवार को सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में 108 एम्बुलेंस सेवा संबंधी व्यय वित्त समिति की बैठक हुई। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि 108 एम्बुलेंस सेवा सीधे आम जनता के जीवन से जुड़ी है, इसलिए वाहनों को निर्धारित मानकों के अनुसार अपडेट रखना अनिवार्य है। उन्होंने अपनी समयावधि पूरी कर चुके और 3 लाख किलोमीटर से अधिक चल चुके लगभग 50 एम्बुलेंस वाहनों को चरणबद्ध तरीके से बदलने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि एम्बुलेंस के पहुंचने के समय का आकलन केवल औसतन रिस्पांस टाइम से न किया जाए, बल्कि प्रत्येक मामले में लगे वास्तविक समय का विश्लेषण हो। इससे देरी के कारणों का पता लगाकर सुधारात्मक कदम उठाए जा सकेंगे। साथ ही जीवनरक्षक उपकरणों की हर माह अनिवार्य जांच के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने बताया कि एम्बुलेंस की लाइव आवाजाही और स्थिति की निगरानी के लिए जल्द ही एक मोबाइल ऐप तैयार किया जाएगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में एक समर्पित टीम गठित की जाएगी, जो साप्ताहिक और मासिक आधार पर इसकी मॉनिटरिंग करेगी। वर्तमान में प्रदेश में 272 ‘108’ एम्बुलेंस और 250 से अधिक सरकारी एम्बुलेंस संचालित हैं, जिन्हें एकीकृत कर सेवा क्षमता बढ़ाई जाएगी।
बैठक में सचिव विनय शंकर पाण्डेय, अपर सचिव नवनीत पाण्डेय, रोहित मीणा, डीजी हेल्थ डॉ. सुनीता टम्टा आदि अधिकारी मौजूद रहे।



