सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित होंगे नवोदय विद्यालय

देहरादून, 21 अक्टूबर। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने के लिए इनके सम्पूर्ण कायाकल्प पर जोर दिया है।
बुधवार को सचिवालय में आयोजित बैठक में उन्होंने अधिकारियों को विद्यालयों के शैक्षणिक स्तर, आवासीय सुविधाओं और संचालन व्यवस्था में व्यापक सुधार के निर्देश दिए। कहा कि इन विद्यालयों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में तैयार किया जाए।
मुख्य सचिव ने विद्यालयों के विकास के लिए अल्प व दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों का संचालन सोसाइटी के माध्यम से कराने पर जोर देते हुए राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में शासी निकाय और जिला स्तर पर जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में समितियां गठित करने की व्यवस्था करने को कहा। सरकारी आवासीय विद्यालयों के प्रभावी संचालन, जवाबदेही और नियमित निगरानी के लिए कानूनी ढांचा तैयार करने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने विद्यालयों में नियमित व समर्पित शिक्षकों के साथ स्थायी प्रधानाचार्यों की नियुक्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया। शिक्षकों के चयन में निर्धारित शैक्षणिक और व्यावसायिक अर्हताओं के साथ उच्च शिक्षा व शोध की पृष्ठभूमि वाले योग्य अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देने की संभावनाओं पर विचार करने को कहा।
स्थायी भर्ती पूरी होने तक शिक्षण कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए जिला स्तर पर वैकल्पिक और अस्थायी व्यवस्था करने व जिलाधिकारियों को आवश्यकतानुसार शिक्षक उपलब्ध कराने के लिए अधिकृत करने के निर्देश भी दिए।
मुख्य सचिव ने प्रवेश परीक्षा और प्रवेश प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी करने को कहा, ताकि नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने से कम से कम एक माह पहले विद्यार्थियों के प्रवेश सुनिश्चित हो सकें।
उन्होंने विद्यालयों में खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और अन्य पाठ्येतर गतिविधियों के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने के साथ सभी जरूरी शैक्षणिक एवं आवासीय सुविधाएं निःशुल्क देने के निर्देश दिए। विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए चिकित्सा सुविधाओं, आपातकालीन वाहन तथा पर्याप्त बजट की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी बल दिया।
इस अवसर पर सचिव शिक्षा ज्योति यादव, अपर सचिव नवनीत पाण्डेय, महानिदेशक आकांक्षा कोंडे आदि अधिकारी मौजूद रहे।



