शिवप्रसाद जोशी को मिलेगा ‘सिया सहचरी काव्य सम्मान’

देहरादून। समकालीन हिंदी कविता के परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज करते हुए पत्रकार और कवि शिवप्रसाद जोशी की काव्य कृति ‘गिनती के बाहर’ को वर्ष 2025 के प्रतिष्ठित ‘सिया सहचरी काव्य सम्मान’ के लिए चुना गया है। उन्हें यह सम्मान 15 मार्च को हैदराबाद में प्रदान किया जाएगा।
साहित्य गरिमा पुरस्कार समिति हैदराबाद द्वारा प्रदान किया जाने वाला यह सम्मान राष्ट्रीय स्तर पर चयनित रचनाओं को समर्पित है। जोशी की कृति को निर्णायक मंडल ने उसकी वैचारिक गहराई, मानवीय संवेदनाओं की सघन अभिव्यक्ति और समकालीन सरोकारों से जुड़ी साहित्यिक दृष्टि के लिए सराहा है। साहित्यिक हलकों में इस चयन को हिंदी कविता की सृजनात्मक ऊर्जा के प्रति एक महत्वपूर्ण स्वीकृति के रूप में देखा जा रहा है।
साहित्य गरिमा पुरस्कार समिति वर्ष 2000 से अहिंदी भाषी प्रदेशों में हिंदी साहित्य की सृजनशीलता को प्रोत्साहित करती आ रही है। वर्ष 2023 से समिति ने ‘साहित्य गरिमा पुरस्कार’ के साथ कुछ विशिष्ट विधागत सम्मानों की भी शुरुआत की, जिनमें ‘सिया सहचरी काव्य सम्मान’ विशेष महत्व रखता है।
समिति के कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण प्रणव ने कहा कि यह सम्मान शिवप्रसाद जोशी के साहित्यिक योगदान को नई पहचान देगा तथा हिंदी साहित्य की समृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
शिवप्रसाद जोशी की कृति ‘गिनती के बाहर’ काव्यांश प्रकाशन ऋषिकेश से प्रकाशित हुई है। इससे पहले वर्ष 2021 में उनके कविता संग्रह ‘रिक्त स्थान और अन्य कविताएं’ को ‘प्रथम चाक पुरस्कार’ से सम्मानित किया जा चुका है।



