नंदादेवी राज जात यात्रा की तैयारियां हुई तेज
21 जनवरी को कांसूवा के राजकुंवरों की सौंपी जाएंगी छंतोलियां

गोपेश्वर (रजपाल बिष्ट)। हिमालय की विश्वप्रसिद्ध नंदा देवी राजजात यात्रा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। 21 जनवरी को छिमटा गांव के शिल्पकारों द्वारा निर्मित छंतोलियों को कांसूवा के राजकुंवरों को सौंपा जाएगा। 22 जनवरी को राजकुंवर छंतोलियों को लेकर राज पुरोहितों के गांव नौटी पहुंचेंगे।
23 जनवरी को नौटी गांव में छंतोलियों की विधिवत पूजा-अर्चना की जाएगी। जिसके बाद छंतोलियों को शेलेश्वर शिवालय में स्थापित किया जाएगा। परंपरा के अनुसार, यहां पूजा-अर्चना के बाद भगवान शिव शंकर को नंदा देवी राजजात यात्रा के आयोजन की सूचना दी जाती है।
नंदा देवी राजजात समिति के महामंत्री भूवन नौटियाल ने बताया कि छंतोलियों को शेलेश्वर स्थित शिवालय में रखने की परंपरा अनादिकाल से चली आ रही है। यह आयोजन हिमालय में विराजमान भगवान शिव को राजजात के आरंभ का संदेश देने का प्रतीक माना जाता है। छंतोलियों का निर्माण भी छिमटा गांव के राज मिस्त्रियों द्वारा ही किया जाता है, जो सदियों पुरानी परंपरा है।
चमोली जिला प्रशासन और राज्य सरकार अगस्त या सितंबर माह में प्रस्तावित नंदा देवी राजजात यात्रा की तैयारियों में जुट गए हैं। वर्ष 2014 के बाद यह राजजात पुनः आयोजित की जा रही है। करीब 280 किलोमीटर लंबी यह पैदल यात्रा होमकुंड तक जाती है। यात्रा को सुचारु बनाने के लिए बुनियादी सुविधाओं के विकास सहित विभिन्न निर्माण कार्य भी प्रारंभ कर दिए गए हैं।



