बदरीनाथ मंदिर के कपाट बंद की तिथि तय

बदरीनाथ, 20 अक्टूबर। विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम के कपाट 16 नवंबर को रात्रि 9 बजकर 37 मिनट पर कर्क लग्न में शीतकाल के लिए बंद होंगे। 12 नवंबर से धाम में पंच पूजाएं शुरू होंगी। वहीं, केदारनाथ और यमुनोत्री धाम के कपाट 11 नवंबर को और गंगोत्री के कपाट 10 नवंबर को बंद होंगे।
मंगलवार को विजयदशमी के पर्व पर बदरीनाथ मंदिर परिसर में रावल अमरनाथ नंबूदरी के सानिध्य में धर्माधिकारी स्वयंबर सेमवाल ने वेदपाठियों के साथ पंचांग गणना कर कपाट बंद होने की तिथि निश्चित की। जिसके बाद रावल ने कपाट बंदी तिथि की विधिवत घोषणा की।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 12 नवंबर को गणेश पूजन, 13 को आदि केदारेश्वर और आदिगुरु शंकराचार्य मंदिर के कपाट बंद होंगे। 14 को खड्ग-पुस्तक पूजन और वेद ऋचाओं का वाचन संपन्न होगा। 15 को माता लक्ष्मी को कढ़ाई भोग अर्पित किया जाएगा। 16 नवंबर को माता लक्ष्मी गर्भगृह में प्रवेश करेंगी और उद्धव व कुबेर जी मंदिर परिसर में विराजमान होंगे। इसी दिन रात्रि 9ः37 बजे बदरीनाथ मंदिर के कपाट बंद होंगे।
17 नवंबर को उद्धव और कुबेर जी योग बदरी पांडुकेश्वर और गरुड़ जी ज्योतिर्मठ स्थित नृसिंह मंदिर के लिए प्रस्थान करेंगे। 18 को आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी ज्योतिर्मठ पहुंचेगी। इसके साथ यात्रा वर्ष 2026 का भी समापन हो जाएगा।
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने देश-विदेश के श्रद्धालुओं से कपाट बंद होने से धामों के दर्शनों का आह्वान किया है। कहा कि कपाट बंद होने के बाद शीतकालीन यात्रा को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
इस अवसर पर बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़, स्वामी मुकुंदानंद सरस्वती, किशोर पंवार, भुवन चंद्र उनियाल, भास्कर डिमरी, राकेश सेमवाल, यदुवीर पुष्पवान, डॉ. हरीश गौड़, जगमोहन बर्त्वाल, संतोष तिवारी, प्रवीण ध्यानी, सुधाकर बाबुलकर, पीतांबर मोल्फा, बाबा उदय सिंह, अतुल डिमरी, संजय तिवारी, राहुल नेगी, सत्येंद्र चौहान आदि मौजूद रहे।



