पौड़ी से विदेशों तक पहुंचने लगा है पहाड़ी बेकरी का स्वाद

पौड़ी। वर्ष 2019 में स्थापित ‘उमंग स्वायत्त सहकारिता बिजली ढांढ़री’ की बेकरी यूनिट का पहाड़ी स्वाद आज विदेशों तक पहुंच रहा है। 10 अक्टूबर 2019 को हिमोत्थान समिति देहरादून (टाटा ट्रस्ट) और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से शुरू इस यूनिट ने ग्रामीण महिलाओं की मेहनत को वैश्विक बाजार तक पहुंचाया है।
शुरुआत में स्थानीय स्तर पर मंडुवा और झंगोरा जैसे पारंपरिक अनाज से बिस्किट, लड्डू, केक, नानखटाई और अन्य उत्पाद तैयार किए गए। गुणवत्तापूर्ण उत्पादन और पारंपरिक स्वाद ने जल्द ही बाजार में अपनी अलग पहचान बना ली। आज दिल्ली की ‘रंगीलो छबीलों’ कंपनी यहां से नियमित रूप से मक्खन और गुड़ से बने बिस्किट सहित अन्य पहाड़ी उत्पाद खरीद रही है। 
कंपनी इन उत्पादों को देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों तक भी पहुंचा रही है। इससे पौड़ी की इस छोटी-सी यूनिट के उत्पाद अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ताओं तक पहुंचने लगे हैं।
वर्तमान में यूनिट में छह महिलाएं कार्यरत हैं। हिमोत्थान समिति द्वारा निःशुल्क मशीनें और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया, जिसके बाद महिलाओं ने स्वरोजगार की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया। यूनिट 105 स्थानीय महिलाओं से झंगोरा और मंडुवा खरीद रही है, जिससे व्यापक स्तर पर ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा मिल रहा है।
बेकरी यूनिट का मासिक टर्नओवर 1.50 से 2 लाख रुपये तक पहुंच चुका है। प्रतिमाह 70 से 80 हजार रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित हो रहा है। स्थानीय मेलों, प्रदर्शनियों और बाजारों के माध्यम से बिक्री में लगातार वृद्धि हो रही है।



