
देहरादून। सनातन की आत्मा गौमाता में बसती है। आज के समय में जब हम अपनी जड़ों से दूर होते जा रहे हैं, यह फिल्म गुम होती गौमाता को बचाने और उनकी अहमियत को समझाने की एक बड़ी कोशिश है।
यह बात पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कैंप कार्यालय में कामधेनु इंटरनेशनल प्रोडक्शन की फिल्म ‘गोदान’ के टीज़र, गीत और पोस्टर लोकार्पण के अवसर पर कही। कहा कि बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री इन दिनों बदलाव के एक बड़े दौर से गुजर रही है। अब यहां बनने वाली फिल्में केवल पारंपरिक और पारिवारिक कहानियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि निर्माता और निर्देशक सामाजिक मुद्दों से लेकर सस्पेंस-थ्रिलर जैसे अलग-अलग और लीक से हटकर विषयों पर भी फिल्में बना रहे हैं।
महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म में गौमाता की अहमियत को समझाने के उद्देश्य से विनोद चौधरी के निर्देशन में बनी फीचर फिल्म ‘गोदान’ 6 फरवरी से देश के सिनेमाघरों में प्रदर्शित की जाएगी। कहा कि फिल्म को वैज्ञानिक नजरिये के साथ प्रस्तुत किया गया है और इसके निर्माता, निर्देशक, कलाकारों व अतिथियों ने समाज को एक बड़ा संदेश देने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि यह फिल्म किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं, बल्कि देश के युवाओं को अपनी संस्कृति और सनातन मूल्यों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है। उनका विश्वास है कि यदि गौहत्या जैसे अपराधों में शामिल लोग भी इस फिल्म को एक बार देख लें, तो उनका हृदय परिवर्तन अवश्य होगा।
महाराज ने बताया कि लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से बनी फिल्म ‘गोदान’ की भव्यता को दर्शाने के लिए इसकी शूटिंग उत्तराखंड की वादियों, नोएडा, मथुरा और मुंबई के विभिन्न स्थानों पर की गई है। फिल्म की कहानी को प्रभावशाली बनाने के लिए इसमें कई सच्ची घटनाओं को भी शामिल किया गया है। यह फिल्म मनोरंजन के साथ-साथ एक गंभीर सामाजिक और आध्यात्मिक संदेश लेकर आ रही है।
कार्यक्रम में श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, विश्व संवाद केंद्र के प्रबंधक सुरेंद्र मित्तल, कामधेनु गौशाला समिति की सदस्य मनिका शर्मा आदि मौजूद रहे।



