दर्शनार्थियों के लिए 22 अप्रैल को खुलेंगे बाबा केदार के द्वार
महाशिवरात्रि पर उखीमठ में तिथि घोषित, 19 अप्रैल से पंचमुखी डोली का प्रस्थान

रुद्रप्रयाग। ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ धाम के कपाट इस वर्ष 22 अप्रैल को प्रातः 8 बजे वृष लग्न में श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले जाएंगे। महाशिवरात्रि पर उखीमठ स्थित शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर में पंचांग गणना के बाद विधिवत तिथि की घोषणा की गई।
कार्यक्रम में बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, विधायक आशा नौटियाल, मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल सहित धर्माचार्य, हक-हकूकधारी और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। ओंकारेशवर मंदिर को साढ़े नौ क्विंटल फूलों से सजाया गया था। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर “जय केदार” के उद्घोष के साथ वातावरण भक्तिमय बना दिया।
बीकेटीसी अध्यक्ष ने देश-विदेश के तीर्थयात्रियों को चारधाम यात्रा में शामिल होने का आमंत्रण दिया। बताया कि राज्य सरकार के समन्वय से यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
बीकेटीसी के सीईओ विजय प्रसाद थपलियाल ने बताया कि भगवान केदारनाथ की पंचमुखी डोली 19 अप्रैल को उखीमठ से फाटा के लिए रवाना होगी। 20 अप्रैल को गौरीकुंड और 21 अप्रैल को केदारनाथ धाम पहुंचेगी। 22 अप्रैल को कपाटोद्घाटन के साथ विधिवत पूजा-अर्चना आरंभ होगी।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष केदारनाथ धाम में एमटी गंगाधर मुख्य पुजारी का दायित्व संभालेंगे। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, उपाध्यक्ष राज्य महिला आयोग ऐश्वर्या रावत, बीडी सिंह, बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण, प्रह्लाद पुष्पवान, एसडीएम अनिल रावत, नपं अध्यक्ष कुब्जा पुष्पवान, ब्लाक प्रमुख पंकज शुक्ला, राजकुमार तिवारी, संतोष त्रिवेदी, स्वयंबर सेमवाल, औंकार शुक्ला, यशोधर मैठाणी, विश्वमोहन जमलोकी, डीएस भुजवान, आरसी तिवारी, डॉ. हर्षवर्धन बेंजवाल, यदुवीर पुष्पवान, किशन त्रिवेदी, प्रमोद बगवाड़ी, विपिन तिवारी, विपिन कुमार, विदेश शैव, दीपक पंवार, कुलदीप धर्म्वाण आदि मौजूद रहे।



