टिहरी झील को बनाया जाएगा ग्लोबल डिस्टिनेशन
मुख्य सचिव ने सचिवालय में संबंधित विकास योजनाओं की समीक्षा की

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने टिहरी झील को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना और मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
सचिवालय में आयोजित बैठक में उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद द्वारा टिहरी लेक प्रोजेक्ट के अंतर्गत सतत, समावेशी एवं जलवायु-अनुकूल पर्यटन विकास योजनाओं की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि टिहरी झील को वैश्विक पहचान दिलाने संबंधी प्रस्ताव भारत सरकार को भेजे जाने वाले प्रेषण में शामिल किया जाए।
उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान तैयार करने के लिए अनुभवी कंसल्टेंट की नियुक्ति की जाए। उसी के अनुरूप पर्यटन विभाग अपनी कार्ययोजना बनाए। उन्होंने टिहरी झील के चारों ओर प्रस्तावित रिंग रोड के निर्माण में तेजी लाने, सी-प्लेन योजना को आगे बढ़ाने व रिंग रोड पर कम से कम दो हेलीपैड विकसित करने के निर्देश भी दिए।
सीएस ने विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर परियोजनाओं को शीघ्र गति से क्रियान्वित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विश्वस्तरीय अवस्थापना सुविधाओं के विकास से टिहरी झील को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित किया जा सकेगा। साथ ही ऋषिकेश-मुनिकीरेती और लोहाघाट-चम्पावत क्षेत्र के पर्यटन विकास प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर मास्टर प्लान के साथ भारत सरकार को भेजने को कहा गया।
बैठक में सचिव दिलीप जावलकर, श्रीधर बाबू अद्दांकी, अपर सचिव अभिषेक रोहेला, गिरधारी सिंह रावत आदि अधिकारी मौजूद रहे।



