Lokesh Nawani
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साहित्य

पहाड़, नदियां और बादल (हिंदी कविता)
पहाड़/ सह सकते हैं जब तक/ कुछ नहीं कहतेमगर वे ग़ैर ज़रूरी सिर पर चढ़े जाने या छाती पर सवार…
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पहाड़/ सह सकते हैं जब तक/ कुछ नहीं कहतेमगर वे ग़ैर ज़रूरी सिर पर चढ़े जाने या छाती पर सवार…
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