धर्म कर्म

सत्संगः निरंकार की रज़ा में जीवन ही सच्ची भक्ति

ऋषिकेश। गढ़ी श्यामपुर में निरंकारी मिशन की ओर से संत समागम आयोजित किया गया। समागम में चंडीगढ़ से आए जोनल इंचार्ज ओपी निरंकारी ने कहा कि निरंकार की रज़ा में जीवन जीना ही सच्ची भक्ति का वास्तविक स्वरूप है।

उन्होंने प्रवचनों में बताया कि मानव जीवन अनमोल है, इसका मूल उद्देश्य ईश्वर को जानकर भक्ति के मार्ग पर चलना है। संत समागम सत्संग, सेवा और सुमिरन के माध्यम से आत्मिक उन्नति का अवसर प्रदान करता है। सत्संग से जुड़ा जीवन प्रत्येक क्षण निरंकार के एहसास को दृढ़ करता है और मन को शांति व संतुलन की ओर ले जाता है।

उन्होंने यह भी कहा कि जब व्यक्ति भूत और भविष्य की चिंता छोड़कर वर्तमान में निरंकार की कृपा को स्वीकार करता है, तो जीवन सहज और चिंतामुक्त बन जाता है। मनमुटाव और द्वेष से दूर रहकर, दूसरों के भावों को समझना और गुणों को अपनाना ही सच्ची साधना है।

समागम में रायवाला, भोगपुर, डोईवाला, बालावाला, तिमली, यमकेश्वर, चौदहबीघा, बीसबीघा, ऋषिकेश समेत आसपास से जुटे श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक शांति का अनुभव किया।

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