भारतीय संविधान में है समावेशी विकास का दृष्टिकोणः प्रेमचंद

ऋषिकेश। संविधान दिवस के अवसर पर क्षेत्रीय विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल की अगुवाई में उनके कैम्प कार्यालय में विचार गोष्ठी आयोजित हुई। गोष्ठी में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक वर्गों के लोगों ने शामिल हुए।
विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने संविधान के मूल तत्वों, उसकी महत्ता और नागरिक कर्तव्यों पर चर्चा की। कहा कि भारतीय संविधान न केवल विश्व के सबसे विस्तृत संविधानों में से एक है, बल्कि इसकी प्रेरणा-शक्ति लोकतांत्रिक परंपराएं, समानता और समावेशी विकास का दृष्टिकोण है।
उन्होंने कहा, अमृत काल की ओर बढ़ रहे भारत में संविधान में निहित आदर्शों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। ऐसे आयोजन समाज में जागरूकता बढ़ाने और लोगों को संवैधानिक कर्तव्यों के प्रति प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
गोष्ठी में प्रतिभागियों ने लोकतांत्रिक मूल्यों, नागरिक अधिकारों और कर्तव्यों पर अपने विचार साझा किए। मौके पर पुनिता भंडारी, अनीता प्रधान, शिवम टुटेजा, माधवी गुप्ता, पूनम डोभाल, सुमन रावत, पिंकी धस्माना, मनोरमा सिंह, रिंकी राणा, प्रिया ढाकाल, अनिल भगवाधारी आदि मौजूद रहे।



