Rishikesh: ‘हृषिकेश बसंतोत्सव 2026’ का भव्य शुभारंभ
मैराथन, क्रीड़ा प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक संध्या से बना उत्सव यादगार

ऋषिकेश। भगवान भरत की पावन भूमि हृषिकेश में मंगलवार को ध्वजारोहण के साथ हृषिकेश बसंतोत्सव 2026 का विधिवत शुभारंभ हो गया। पहले ही दिन मैराथन दौड़, जनपदस्तरीय छात्र क्रीड़ा प्रतियोगिताएं और संस्कृत विद्यालयों के सांस्कृतिक कार्यक्रम खास आकर्षण रहे। 
ध्वजारोहण के साथ बसंतोत्सव का आगाज
मंगलवार को बसंतोत्सव समिति की ओर से आयोजित उत्सव के तहत सुबह झंडा चौक पर महंत वत्सल प्रपन्नाचार्य द्वारा ध्वजारोहण के साथ बसंतोत्सव का विधिवत शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर मेला संयोजक दीप शर्मा, हर्षवर्धन शर्मा, वरुण शर्मा, विनय उनियाल, रवि प्रपन्नाचार्य, गोविंद सिंह रावत, सुनील प्रभाकर, अशोक रस्तोगी, राहुल शर्मा, जतन स्वरूप भटनागर सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।
मैराथन दौड़ में दिखाया युवाओं ने जोश
ध्वजारोहण के बाद झंडा चौक स्थित भरत मंदिर परिसर में महंत वत्सल प्रपन्नाचार्य ने मैराथन दौड़ को हरी झंडी दिखाई। दौड़ में युवाओं ने भरपूर उत्साह के साथ भागीदारी की। मैराथन के अंडर-19 बालक वर्ग में रीत थापा प्रथम, जितेश कुमार द्वितीय, सिद्धार्थ पंत तृतीय, अंडर-19 बालिका वर्ग में रिया भंडारी प्रथम, प्रिया कश्यप द्वितीय, गुनगुन तृतीय, अंडर-14 बालक वर्ग में राघवेंद्र दास प्रथम, कपिल यादव द्वितीय, मोहित भट्ट तृतीय और अंडर-14 बालिका वर्ग में राधिका राणा प्रथम, प्रत्यक्ष द्वितीय, प्रांसी तृतीय स्थान पर रहे। मुख्य अतिथि कर्नल अमित अत्री ने विजेताओं को सम्मानित किया। मौके पर संयोजक सुनील प्रभाकर और सहसंयोजक प्रवीन रावत का विशेष सहयोग रहा। 
क्रीड़ा प्रतियोगिताओं में संस्कृत छात्रों ने दिखाया दमखम
श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज के मैदान में जनपद स्तरीय संस्कृत महाविद्यालय छात्र क्रीड़ा प्रतियोगिताएं का शुभारंभ संस्कृत शिक्षा विभाग के उप निदेशक डॉ. वाजश्रवा आर्य ने किया। कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से संस्कृत छात्रों के शारीरिक एवं मानसिक विकास को नया मंच मिलता है। 100 मीटर दौड़ के कनिष्ठ वर्ग में महेंद्र जोशी ने पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि वरिष्ठ वर्ग में रंजन विजेता बने। 200 मीटर में प्रियांशु, 400 मीटर में हर्ष ने बाजी मारी। कबड्डी में दयानंद आर्य विद्यालय पौधा विजेता रहा, वहीं जयराम आश्रम उपविजेता बना। वॉलीबॉल में काली कमली संस्कृत विद्यालय ऋषिकेश प्रथम और पंजाब सिंध संस्कृत विद्यालय द्वितीय स्थान पर रही। मौके पर क्रीड़ा समिति के संयोजक डॉ. जनार्दन कैरवान ने बताया कि उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा परिषद के सचिव पद्माकर मिश्रा ने विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए। 
संस्कृत विद्यालयों के नाम रही सांस्कृतिक संध्या
बसंतोत्सव की सांस्कृतिक संध्या संस्कृत विद्यालयों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों से रोशन हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि आचार्य बालकृष्ण और महंत वत्सल प्रपन्नाचार्य ने किया। आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है, मंत्रों की शक्ति है और जीवन का सार है। कार्यक्रम में संस्कृत विद्यालयों के छात्रों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर मेला संयोजक दीप शर्मा, विनय उनियाल, वरुण शर्मा, महंत रवि प्रपन्नाचार्य, प्रधानाचार्य यमुना प्रसाद त्रिपाठी, डॉ. सुनील दत्त थपलियाल, रंजन अंथवाल, दीपक भारद्वाज, केपी उनियाल, विपिन बहुगुणा आदि मौजूद रहे।
रक्तवीर राजेंद्र हुए सम्मानित
इस अवसर पर समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए रक्तवीर एवं नगर निगम पार्षद राजेंद्र प्रेम सिंह बिष्ट को 155 बार रक्तदान करने पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। उनके इस कार्य की सभी अतिथियों ने सराहना करते हुए युवाओं को इससे प्रेरणा लेने का संदेश दिया।



