मैथिली ठाकुर की गढ़वाली प्रस्तुतियों पर झूमे श्रोता
मुख्यमंत्री धामी ने कुमाऊं-गढ़वाल में स्पिरिचुअल जोन बनाने की घोषणा की

ऋषिकेश। हृषिकेश वसंतोत्सव 2026 के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में उत्तराखंड की आध्यात्मिक विरासत, लोकसंस्कृति की झलक देखने को मिली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की आध्यात्मिक जड़ों को और सशक्त करने की दिशा में बड़ा ऐलान किया। उन्होंने गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में एक-एक स्पिरिचुअल जोन विकसित किए जाने की घोषणा की। जो कि आयुर्वेद और आध्यात्म के रूप में विकसित होंगे। 
वसंतोत्सव के आखिरी दिन आयोजित मैथली ठाकुर नाइट का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, विधायक प्रेमचंद अग्रवाल, महापौर शंभू पासवान, राज्य महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल और श्रीभरत मंदिर के महंत वत्सल प्रपन्नाचार्य ने किया।
इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकेश की भूमि प्राचीनकाल से ही आध्यात्मिक चेतना का केंद्र रही है। यहां भरतजी द्वारा भगवान नारायण की स्थापना कर पूजन किया गया था। आदि गुरु शंकराचार्य ने भी इस धरती पर विशेष साधना की थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति की ध्वजा आज पूरे विश्व में शान से लहरा रही है।
मुख्यमंत्री धामी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, केदारनाथ पुनर्निर्माण और बदरीनाथ मास्टर प्लान का उल्लेख करते हुए कहा कि केदारखंड और मानसखंड योजनाओं के तहत मंदिरों का जीर्णोद्धार और पुनरोद्धार किया जा रहा है। हरिपुर कालसी में यमुना तीर्थ पुनरोद्धार, हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं देवभूमि के सांस्कृतिक महत्व को नई पहचान दे रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2022 में समान नागरिक संहिता लागू करने का जो वचन दिया गया था, उसे पूरा कर उत्तराखंड ने देश में मिसाल पेश की है। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति दोहराते हुए कहा कि इसमें कितना भी बड़ा अधिकारी क्यों न हो, दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
मैथिली ठाकुर ने गढ़वाली गीतों से बांधा समां
वसंतोत्सव के तहत आयोजित सांस्कृतिक संध्या में भोजपुरी लोकगायिका एवं बिहार से भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर ने गढ़वाली लोकगीतों और भजनों की मनमोहक प्रस्तुति दी। उन्होंने “खोली का गणेशा”, “दैणा होइयां पंचनाम देवता” और “बेडू पाको बारामासा” जैसे लोकप्रिय गीत गाए।
यह रहे कार्यक्रम में मौजूद
कार्यक्रम में मेला संयोजक दीप शर्मा, विनय उनियाल, वरुण शर्मा, मुन्ना शर्मा, रवि शास्त्री, राजेंद्र तड़ियाल, प्रतीक कालिया, वीरेंद्र सजवाण, रंजन अंथवाल, सुनील थपलियाल, यमुना प्रसाद त्रिपाठी, गोविंद सिह रावत आदि मौजूद रहे।



