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Breaking: नंदादेवी राजजात स्थगित, अब 2027 में प्रस्तावित

Nanda Devi Rajjat : गोपेश्वर। विश्व प्रसिद्ध हिमालीय महाकुंभ नंदादेवी राजजात 2026 को स्थगित कर दिया गया है। यह निर्णय श्री नंदादेवी राजजात समिति की कोर कमेटी की बैठक में व्यापक विचार-विमर्श के बाद लिया गया। अब यह ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक यात्रा वर्ष 2027 में आयोजित करने के लिए प्रस्तावित की गई है, जिसकी आधिकारिक घोषणा आगामी वसंत पंचमी को की जाएगी।

रविवार को कर्णप्रयाग में आयोजित बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष एवं कांसुवा के राजकुंवर डॉ. राकेश कुंवर ने की। बैठक में बीते वर्ष अक्टूबर में हुई यात्रा मार्ग अध्ययन रिपोर्ट, चमोली जिला प्रशासन के पुनर्विचार पत्र और ज्योतिषीय परिस्थितियों पर चर्चा की गई।

समिति ने बताया कि वर्ष 2026 में मलमास के कारण नंदा नवमी 20 सितंबर को पड़ रही है। इस अवधि में उच्च हिमालयी बुग्याल क्षेत्रों में बर्फबारी, बारिश और खराब मौसम की आशंका रहती है, जिससे यात्रा अत्यंत जोखिमपूर्ण हो सकती है।

समिति ने यह भी माना कि राजजात के मार्गों और पड़ावों पर अभी तक आवश्यक ढांचागत सुविधाओं का विकास नहीं हो पाया है। वहीं हाल के वर्षों में देवाल, थराली और नंदानगर क्षेत्रों में आपदाओं के कारण पुनर्निर्माण कार्य जारी हैं। इन सभी तथ्यों और जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए समिति ने सर्वसम्मति से राजजात 2026 को स्थगित करने का निर्णय लिया।

अब वसंत पंचमी 23 जनवरी को कांसुवा स्थित श्री नंदादेवी मंदिर में परंपरानुसार मनौती की जाएगी। इसके बाद ज्योतिषीय गणना के आधार पर राजजात 2027 की तिथि और कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी। समिति ने स्पष्ट किया कि मनौती तक के सभी धार्मिक कार्यक्रम पूर्ववत रहेंगे, केवल राजजात का दिनपट्टा जारी नहीं किया जाएगा।

इस दौरान जय विक्रम सिंह कुंवर, सुशील रावत, महानंद मैठाणी, भुवन हटवाल, पृथ्वी सिंह रावत, डीडी कुनियाल, विजेंद्र सिंह रावत आदि मौजूद रहे।

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