
हल्द्वानी। अल्मोड़ा से प्रकाशित बाल पत्रिका ‘बालप्रहरी’, भारत ज्ञान विज्ञान समिति और क्रिएटिव उत्तराखंड की ओर से नीलांचल कॉलोनी में आयोजित पांच दिवसीय बाल लेखन कार्यशाला संपन्न हो गई। कार्यशाला में बच्चों द्वारा तैयार बाल प्रहरी, बाल भारती, किशोरी स्वर और बाल मुस्कान नामक हस्तलिखित पुस्तकों की प्रदर्शनी मुख्य आकर्षण रही।
कार्यक्रम में आयोजित बाल कवि सम्मेलन की अध्यक्षता कक्षा 7 के छात्र अनुज सैनी ने की, जबकि संचालन हृदयेश त्रिपाठी ने किया। गुलफिजा, भूमिका, बबली, अनुज, मान्यता, चेतना और योगिता पाठक ने हल्द्वानी, किताब कौतिक, फूल, बादल, स्वच्छता अभियान, भोजन की बर्बादी और तितली जैसे विषयों पर स्वरचित कविताओं का पाठ कर सराहना बटोरी।
बच्चों ने उदय किरौला के निर्देशन में नुक्कड़ नाटक ‘मोबाइल टन टना टन टन’ प्रस्तुत कर मोबाइल संस्कृति पर व्यंग्य करते हुए जागरूकता का संदेश दिया। वहीं, दीक्षा जोशी द्वारा संपादित दीवार पत्रिका ‘हल्द्वानी दर्पण’ और मंजू पांडे द्वारा संपादित ‘बाल संसार’ का अतिथियों ने लोकार्पण किया गया।
मुख्य अतिथि पूर्व प्रधानाचार्य व साहित्यकार डॉ. दीपा कांडपाल ने बच्चों की रचनात्मकता की सराहना की। कहा कि बच्चों में अपार प्रतिभा होती है, जिसे सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर और निखारा जा सकता है। मौके पर पूर्व प्रधानाचार्य नीरज पंत, विनोद कुमार हर्बोला, ललिता कापड़ी, सुनीता, डॉ पुष्प लता जोशी, हेम पंत, दयाल पाण्डे, विमला जोशी ’विभा’, जगमोहन रौतेला, अंशुल पंत, प्रमोद तिवारी, प्रकाश चन्द्र तिवारी आदि मौजूद रहे।



