वनभूमि सर्वे मामलाः नगर निगम ऋषिकेश ने गठित की कमेटी
सुप्रीम कोर्ट के वकील से लेगी राय, सीएम से की जाएगी मुलाकात

ऋषिकेश। नगर निगम की बोर्ड बैठक में वनभूमि सर्वे मामले में विधिक राय लेने के लिए मेयर की अध्यक्षता में तीन पार्षदों की कमेटी बनाई है। जो कि सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील से चर्चा के लिए दिल्ली जाएगी।
शनिवार को आईएसबीटी स्थित निगम सभागार में मेयर शंभू पासवान की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक आयोजित हुई। जिसके बाद नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल ने बोर्ड बैठक की जानकारी मीडिया के साथ साझा की। बताया कि निगम क्षेत्र में वनभूमि सर्वे से प्रभावित 12 वार्डों के लोगों की परेशानियों और उन्हें राहत दिलाने पर बैठक में विस्तार से चर्चा हुई।
चर्चा के दौरान यह बात सामने आई कि पूर्व में उत्तराखंड शासन द्वारा गजट नोटिफिकेशन से राजस्व ग्राम का हिस्सा रहे संबंधित क्षेत्रों को नगर निगम में मर्ज किया गया था। जिसके आधार पर बोर्ड बैठक में संबंधित 12 वार्डों को डी-फॉरेस्ट घोषित करने के लिए राज्य सरकार के जरिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया।
वहीं, बोर्ड ने मेयर की अगुवाई में गठित समिति के मुख्यमंत्री से इस मामले में मिलने का पर भी सहमति बनाई, जो प्रभावित वार्डों में भवन कर निर्धारण व अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को स्पष्ट कराने का प्रयास करेगी।
इसके अलावा वन विभाग द्वारा विकास कार्यों पर लगाए गए प्रतिबंध से जनसुविधाओं पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए शासन को अलग से प्रस्ताव भेजने का निर्णय भी बोर्ड ने लिया है।
बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर कानूनी राय यह बात सामने आई की मामले में निगम का सुप्रीम कोर्ट में पक्षकार बनना आवश्यक है तो इस कानूनी प्रक्रिया पर होने वाले खर्च को नगर निगम वहन करेगा।



