
रायवाला। विश्व ऑटिज्म दिवस पर सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में जागरूकता कार्यक्रम के दौरान लोगों को ऑटिज्म के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सक डॉ. प्रणति दास ने ऑटिज्म के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला। कहा कि इसका समाधान केवल दवाओं में नहीं, बल्कि समय पर पहचान और उचित सहयोग में निहित है। बताया कि स्पीच थेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, व्यवहार प्रशिक्षण और परिवार का सहयोग बच्चों के समग्र विकास में अहम भूमिका निभाते हैं।
डॉ. दास ने बताया कि प्रति 10,000 बच्चों में लगभग 8 बच्चे ऑटिज्म से प्रभावित जन्म ले रहे हैं। ऐसे में जागरूकता के माध्यम से ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों को समय पर सही मार्गदर्शन देने की जरूरत है। कहा कि यदि किसी बच्चे में ऑटिज्म के लक्षण दिखें तो घबराने के बजाय विशेषज्ञों से परामर्श लेकर आवश्यक थेरेपी शुरू कराएं।
डॉ. रजनी सिंह ने गर्भवती महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की सलाह देते हुए नियमित खान-पान और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने की आवश्यकता बताई। कार्यक्रम अध्यक्ष एवं मुख्य नर्सिंग अधिकारी नीलम रजवाड़े ने ऑटिज्म से ग्रसित बच्चों की देखभाल के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी।
कार्यक्रम में डॉ. सुरभि, डॉ. अल्का, एचआर ऋतु थपलियाल, उषा रतूड़ी, पूजा देवरानी, विनय भट्ट आदि मौजूद रहे।



