ऋषिकेश

ऋषिकेश में ई-बसों का संचालन से पहले ही विरोध

ऑटो-रिक्शा महासंघ का समाधान न होने पर 24 से आंदोलन का ऐलान

ऋषिकेश। योगनगरी में ई-बसों के संचालन से पहले ही विरोध शुरू हो गया है। तिपहिया वाहन स्वामियों और चालकों ने इसे अपनी आजीविका पर हमला बताते हुए आंदोलन का ऐलान किया है। सरकार और प्रशासन को छह दिनों का अल्टीमेटम देते हुए चेताया कि ई-बसों के संचालन पर रोक नहीं लगी, तो 24 जनवरी को 6500 हजार वाहन नगर निगम परिसर में खड़े कर दिए जाएंगे।

रविवार को पत्रकार वार्ता में उत्तराखंड विक्रम ऑटो रिक्शा एवं ई-ऑटो रिक्शा महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष महंत विनय सारस्वत ने कहा कि हरिद्वार से लक्ष्मण झूला तक 27 ई-बसें चलाने का निर्णय छोटे परिवहन व्यवसायियों के हितों के विरुद्ध है। बताया कि ऋषिकेश क्षेत्र में वर्तमान में लगभग 1800 विक्रम, 3000 ऑटो और 1500 ई-रिक्शा संचालित हैं, जिनसे हजारों परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है। ई-बसों के संचालन से इनके अस्तित्व पर संकट खड़ा हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार ने अपना निर्णय वापस नहीं लिया तो 24 जनवरी को आईडीपीएल ग्राउंड से करीब 6500 वाहनों की रैली निकाली जाएगी। इसके बाद सभी वाहन नगर निगम परिसर में खड़े कर दिए जाएंगे। मांगें पूरी होने तक आंदोलन गांधीवादी तरीके से जारी रहेगा।

उत्तराखंड परिवहन महासंघ अध्यक्ष सुधीर राय रावत ने कहा कि चारधाम यात्रा का मुख्य प्रवेशद्वार ऋषिकेश में पहले से ही यातायात का अत्यधिक दबाव है। शहर में पार्किंग और सड़कों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं, ऐसे में ई-बसों का संचालन जाम और अतिक्रमण की समस्या को और गंभीर बना देगा।

इस अवसर पर सुनील कुमार, विजेंद्र कंडारी, कमल सिंह राणा, राजेंद्र लांबा, संजय शर्मा, मुकेश तिवारी, जगजीत सिंह जग्गा, रवि गोस्वामी, सतीश नेगी, अश्वनी कुमार, कृष्णपाल, दीपेश कुमार सहित कई पदाधिकारी और वाहन चालक मौजूद थे।

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