जन औषधि केंद्र और मेडिकल स्टोर का लाइसेंस होगा निरस्त

देहरादून। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) रायपुर स्थित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के संचालन में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। बीते वर्ष 04 दिसंबर को आयोजित जनता दर्शन में जिलाधिकारी सविन बंसल के सामने उक्त केंद्र में दवाओं की अनुपलब्धता और संचालक द्वारा पास में निजी मेडिकल स्टोर चलाने की शिकायत मिली थी।
जिलाधिकारी के निर्देश पर संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल कुमार और वरिष्ठ औषधि निरीक्षक ने संयुक्त जांच की। जांच में पाया गया कि जन औषधि केंद्र संचालक सीएचसी परिसर के भीतर केंद्र और लगभग 25 मीटर दूरी पर निजी मेडिकल स्टोर संचालित कर रहे थे।
इसके अलावा पीएमबीआई के अधिकृत सॉफ्टवेयर का उपयोग न कर मैनुअल बिलिंग, दवा मांग-आपूर्ति व्हाट्सएप के माध्यम से करना, स्टॉक व इन्वेंट्री का अव्यवस्थित रख-रखाव और लाइसेंस संबंधी दस्तावेजों में विसंगतियां भी सामने आईं। वहीं, दवाओं की कमी के कारण मरीजों को निजी मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा था।
अनियमितताओं के आधार पर वरिष्ठ औषधि निरीक्षक ने दोनों प्रतिष्ठानों के औषधि विक्रय लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सस्ती और सुलभ दवा उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



