देहरादून

Dehradun: ई-गवर्नेंस से जनसुविधा को मिली नई रफ्तार

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने अधिक पारदर्शी, सरल और जनकेंद्रित कार्यप्रणाली की दिशा में ई-गवर्नेंस को सशक्त आधार के रूप में विकसित किया है। तकनीक के व्यापक उपयोग से न केवल जनसमस्याओं का त्वरित समाधान हो रहा है, बल्कि सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ी है।

राजधानी देहरादून सहित पूरे राज्य में विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं और जनहित पोर्टलों के माध्यम से नागरिक अब घर बैठे आवेदन, शिकायतें और सुझाव दर्ज कर पा रहे हैं। इससे समय और संसाधनों की बचत के साथ-साथ सरकारी दफ्तरों के अनावश्यक चक्कर भी कम हुए हैं।

ई-गवर्नेंस के तहत ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली, जनसुनवाई पोर्टल, डिजिटल प्रमाण पत्र सेवाएं, ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल, आरटीआई ऑनलाइन पोर्टल, रोजगार प्रयाग पोर्टल, भूदेव ऐप, सीएम हेल्पलाइन 1905, ई-ट्रांसपोर्ट तथा “अपणी सरकार” पोर्टल जैसी सेवाएं नागरिकों के लिए उपलब्ध कराई गई हैं। इन पहलों से प्रशासनिक प्रक्रियाएं सरल हुई हैं और भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण लगा है।

वृद्धावस्था पेंशन के लिए ई-सेवा का लाभ उठाने वाले देवेंद्र सिंह की पुत्री सोनिया रावत ने बताया कि आय प्रमाण पत्र उन्हें मात्र 15 दिनों में ऑनलाइन प्राप्त हो गया, जिससे कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि प्रशासन डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। अधिक से अधिक प्रमाण पत्र और जनकल्याणकारी योजनाओं के आवेदन ऑनलाइन किए गए हैं। जिला योजना के अंतर्गत कृषि संबंधी सभी योजनाओं की प्रथम चरण की आवेदन प्रक्रिया भी ऑनलाइन कर दी गई है।

ई-गवर्नेंस प्रणाली शहरी ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्रभावी साबित हो रही है, जिससे सरकारी सेवाओं का समयबद्ध और पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित हो रहा है।

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