Dehradun: डीएम की पहल, जरूरतमंद महिलाओं को मिली मदद

देहरादून। जनपद में जरूरतमंद और असहाय नागरिकों की सहायता के लिए जिला प्रशासन लगातार संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है। जिलाधिकारी के मानवीय हस्तक्षेप से विपरीत परिस्थितियों का सामना कर रही दो महिलाओं को कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) फंड से एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी द्वारा दोनों प्रकरणों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिसके आधार पर सहायता स्वीकृत की गई। सुद्दोवाला निवासी मीना ठाकुर ने जिलाधिकारी से मिलकर अपनी समस्या बताई थी। उनके पति पिछले लगभग आठ वर्षों से लापता हैं, जिससे परिवार के भरण-पोषण की पूरी जिम्मेदारी उन पर आ गई है।
मीना ठाकुर के परिवार में चार बेटियां और एक बेटा है, जिनमें दो बेटियां दिव्यांग हैं। आर्थिक तंगी के कारण बच्चों की शिक्षा, उपचार और दैनिक जरूरतों की पूर्ति करना उनके लिए बेहद कठिन हो गया था। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने सीएसआर फंड से एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता उनके बैंक खाते में उपलब्ध कराई। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि परिवार को सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाया जाए। बेटियों की शिक्षा “प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा” के माध्यम से जारी रखी जाए।
वहीं, खुड़बुड़ा क्षेत्र में किराये के मकान में रहने वाली परित्यक्ता महिला अमृता जोशी भी गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रही थीं। वह घरों में काम कर किसी तरह परिवार का गुजारा कर रही थीं। उनका बड़ा बेटा मानसिक विकार से पीड़ित है, जबकि छोटे बेटे की फीस जमा न होने के कारण उसे स्कूल से निकाल दिया गया था। आर्थिक तंगी के चलते मकान का किराया न दे पाने पर उन्हें घर से भी बाहर होना पड़ा।
अमृता जोशी की माली स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने मानवीय पहल करते हुए उन्हें भी सीएसआर फंड से एक लाख रुपये की सहायता प्रदान की। इस सहायता से वह बेटे का उपचार, स्कूल फीस और बकाया किराया चुकाने के साथ स्वरोजगार शुरू कर सकेंगी। जिला प्रशासन का कहना है कि जरूरतमंदों की सहायता के लिए ऐसे प्रयास आगे भी जारी रहेंगे।



