Dehradun: विधवा से लोन वसूली मामले में डीएम का सख्त रूख
एचडीएफसी, ईआरजीओ जीआईसी पर 8.11 लाख की आरसी काटी

देहरादून। बीमित ऋण होने के बावजूद एक विधवा से जबरन वसूली और वाहन उठाने की धमकी के मामले में जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया है। डीएम ने एचडीएफसी ईआरजीओ जीआईसी लिमिटेड पर मु0 8,11,709 रुपये की आरसी काट दी है।
फरियादी सुप्रिया नौटियाल पत्नी स्व. प्रदीप रतूड़ी ने 15 नवम्बर को डीएम सविन बंसल के समक्ष गुहार लगाई थी कि उनके पति ने वाहन खरीदने के लिए एचडीएफसी ईआरजीओ से बीमित ऋण लिया था, जिसकी राशि 8.11 लाख रुपये थी। ऋण प्रक्रिया के दौरान बैंक ने बीमा को अनिवार्य बताया था। पॉलिसी सीआई 24-14680 एवं सर्व सुरक्षा प्लस क्लेम जारी की गई थी, लेकिन बीमा दस्तावेज कभी भी उन्हें भौतिक रूप से उपलब्ध नहीं कराए गए।
फरियाद में बताया गया था कि पति की मृत्यु के बाद सुप्रिया पर बैंक द्वारा पूरे ऋण की वसूली का दबाव बनाया जा रहा था। भुगतान न करने पर वाहन जब्त करने की धमकी दी जा रही थी। मामले को गंभीर मानते हुए डीएम ने इसे बीमा धोखाधड़ी और ऋण वसूली में अनियमितता करार देते हुए एचडीएफसी ईआरजीओ लि. के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश जारी किए। जारी की गई आरसी की वसूली भू-राजस्व की भांति करने के आदेश तहसीलदार सदर को दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने ऐसे बढ़ते मामलों पर नाराजगी जताते हुए स्पष्ट किया कि बीमित ऋण के बावजूद जनता को प्रताड़ित करने वाली बैंक एवं बीमा कंपनियों पर अब सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। कई ऐसे प्रकरण डीएम कार्यालय तक पहुंचे हैं, जिनमें आवश्यक होने पर सम्पत्ति कुर्की, नीलामी और शाखाओं पर ताला लगाने तक की कार्यवाही की जा चुकी है।



