सीएम ने सैनिकों के सम्मान और कल्याण का दोहराया संकल्प

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाथीबड़कला में नववर्ष के उपलक्ष में आयोजित पूर्व सैनिक मिलन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। कहा कि उत्तराखंड वीर और पूर्व सैनिकों की भूमि है। राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के सम्मान, पुनर्वास और कल्याण के लिए निरंतर संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं सैनिक पुत्र हैं, इसलिए उन्होंने सेना के अनुशासन, त्याग और देशभक्ति को बहुत करीब से देखा और समझा है। इसी कारण वे सैनिकों से जुड़े कार्यक्रमों में अधिक से अधिक शामिल होने का प्रयास करते हैं। कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हर महत्वपूर्ण अवसर पर सैनिकों के बीच जाते हैं और उनके मनोबल को बढ़ाने का कार्य करते हैं।
सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण, सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास, सैनिकों के लिए आधुनिक उपकरण, आवास और कल्याण सुविधाओं में निरंतर वृद्धि हुई है, जिससे सक्रिय सैनिकों के साथ-साथ पूर्व सैनिक समुदाय का भी गौरव बढ़ा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार शहीद आश्रितों, पूर्व सैनिकों और सेवानिवृत्त सैन्य कर्मियों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है। वहीं सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार सैनिकों और उनके परिवारों के हित में लगातार ठोस निर्णय ले रही है। उन्होंने सीमा पर देश की रक्षा करते हुए शहीद होने वाले जवानों के परिजनों को सरकारी नौकरी देने के निर्णय को संवेदनशील और ऐतिहासिक बताया।
कार्यक्रम में लेफ्टिनेंट जनरल एके सिंह (रि.), ब्रिगेडियर केजी बहल (रि.), मेजर जनरल सम्मी सबरवाल (रि.), ले. जनरल अश्वनी कुमार (रि.), मेजर जनरल ओपी राणा (रि.), ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट (रि.), मेजर जनरल देवेश अग्निहोत्री (रि.), मेजर जनरल ओपी सोनी (रि.), मेजर जनरल आनंद रावत (रि.) आदि मौजूद रहे।



