संस्कृति

बच्चों ने ‘फूलदेई’ के गीत गाकर दहलीजों पर डाले फूल

पारंपरिक फेरी, चित्रकला, लेखन से किया अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त

देहरादून। फूलदेई अभियान के तहत शहीद मेख बहादुर कैंट कन्या इंटर कॉलेज में ‘कोना कक्षा’ और धाद संस्था के सहयोग से रचनात्मक प्रतिभाग कार्यक्रम आयोजित किया गया। बच्चों ने उत्साहपूर्वक पारंपरिक फूलदेई की फेरी निकालने के साथ “फूलदेई छम्मा देई” गीत गाकर दहलीजों पर फूल अर्पित किए।

इस अवसर पर इंटर कॉलेज और कैंट जूनियर हाईस्कूल के 60 बच्चों ने चित्रकला और लेखन से अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त किया। उत्कृष्ट रचनाओं के लिए 12 बच्चों को पुरस्कृत भी किया गया। अभियान में बच्चों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया।

मुख्य संयोजक गणेश चंद्र उनियाल ने बताया कि ‘फूलदेई अभियान’ का उद्देश्य हर वर्ष प्रदेश के बच्चों को अपनी अभिव्यक्ति के लिए मंच प्रदान करना है। इसके तहत समाज के सहयोग से दूरदराज के स्कूलों तक ‘फूलदेई शीट’ भेजी जाती हैं, जिन पर बच्चे चित्र और लेखन के माध्यम से अपनी कल्पनाओं को व्यक्त करते हैं। चयनित श्रेष्ठ रचनाओं को सम्मानित किया जाता है।

नीना रावत ने धाद द्वारा किए जा रहे वनीकरण कार्यों की जानकारी देते हुए बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया। साहित्यकार कल्पना बहुगुणा ने बच्चों को साहित्यिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का संचालन आशा डोभाल ने किया। उन्होंने बच्चों को फूलदेई के महत्व और उसके समकालीन संदर्भों से अवगत कराया। प्रधानाचार्या पूनम वर्मा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों के ज्ञानवर्धन और सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं।

कार्यक्रम में दयानंद डोभाल, मेजर महावीर रावत, पूर्णिमा गैरोला, शुभम शर्मा, प्रधानाध्यापिका ममता गुलेरिया, निधि खंडूड़ी, निधि चमोली, सुमन नेगी, शालिनी पंवार, सीमा बिष्ट, पूनम, स्वाति, राजपाल सिंह, शीला गुप्ता, शिवानी प्रधान, सारिका गोयल प्रीति राज, कविता थापा, कृति भट्ट, प्राची, नजहत परवीन, शिखा आदि मौजूद रहे।

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