
देहरादून। ननूरखेड़ा में आयोजित मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी 2025-26 का समापन केवल एक खेल प्रतियोगिता का अंत नहीं, बल्कि उत्तराखंड में उभरती खेल क्रांति का प्रतीक बनकर सामने आया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजेता देहरादून जनपद को ट्रॉफी और ₹5 लाख की पुरस्कार राशि प्रदान करते हुए राज्य को “देवभूमि के साथ-साथ खेलभूमि” बनाने के संकल्प को दोहराया।
उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में ₹11 करोड़ की पुरस्कार राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे खिलाड़ियों के खातों में भेजी जा रही है। राज्य सरकार की नई खेल नीति के तहत खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति, उपकरण सहायता और प्रशिक्षकों को बढ़ा हुआ मानदेय दिया जा रहा है। हल्द्वानी में प्रदेश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी स्थापित की जा रही है, जबकि आठ शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना का कार्य प्रगति पर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेल के सफल आयोजन और 103 पदक जीतकर राष्ट्रीय स्तर पर सातवां स्थान हासिल करना उत्तराखंड की खेल क्षमता का प्रमाण है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे खेलो इंडिया और फिट इंडिया मूवमेंट जैसे अभियानों को देश में खेल संस्कृति के विस्तार का आधार बताया।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने जानकारी दी कि 23 नवंबर 2025 से शुरू प्रतियोगिताओं में 1.62 लाख से अधिक खिलाड़ियों ने 26 खेल स्पर्धाओं में भाग लिया। राज्य सरकार ने पदक विजेताओं को सरकारी सेवाओं में 4 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने की घोषणा भी की है, जिससे खेल प्रतिभाओं को नया प्रोत्साहन मिलेगा।
इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, खेल निदेशक डॉ. आशीष चौहान, डीएम सविन बंसल, सीडीओ अभिनव शाह आदि अधिकारी मौजूद रहे।



