अब भी हो रही हैं गटर में मौतें: बेजवाड़ा
उत्तराखंड इंसानियत मंच द्वारा अंबेडकर जयंती कार्यक्रम आयोजित

देहरादून। अंतरिक्ष विज्ञान में बड़ी उपलब्धियां हासिल करने के बावजूद देश आज भी सीवर में उतरने वाले श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर पाया है। यह बात रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित और सफाई कर्मचारी आंदोलन के संस्थापक बेजवाड़ा विल्सन ने कही।
प्रेस क्लब में उत्तराखंड इंसानियत मंच द्वारा भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के उपलक्ष में गरिमा, सम्मान और भारत का सवंधिन कार्यक्रम आयोजित किया गया। विल्सन ने कहा कि संविधान में समानता और गरिमा की बात की गई है, लेकिन हकीकत में एक वर्ग आज भी हाथ से मैला उठाने और सीवर में उतरने को मजबूर है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास इस काम में लगे लोगों का सही आंकड़ा तक नहीं है। सीवर में होने वाली मौतों को भी स्वीकार नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि समाज के सहयोग से इस लड़ाई को आगे बढ़ाया जा रहा है।
कार्यक्रम में दलित चिंतक आरपी विशाल, सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना, राष्ट्रीय महासचिव भारत भूषण, पूर्व आईपीएस विभा पुरी दास, एसएस पांगती, निर्मला बिष्ट, हरिओम पाली, परमजीत सिंह कक्कड़, नंदनन्दन पांडेय, गीता गैरोला, दीपा कौशलम, मुकेश बहुगुणा, प्रकाश थपलियाल, ईश्वर पाल शर्मा, गंगाधर नौटियाल, अरविन्द शेखर, नाजमा सुल्ताना, राजेश सकलानी, अशोक कटारिया, तबस्सुम, डॉ. जितेन्द्र भारती आदि मौजूद रहे।



