चारधाम यात्राः अब तक 6 लाख श्रद्धालुओं ने कराया पंजीकरण
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने मीडिया से साझा की जानकारी

देहरादून। चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने यात्रा वर्ष 2026-27 के लिए 121 करोड़ रुपये से अधिक का बजट पारित किया है। यह जानकारी बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने मीडिया को दी।
कैनाल रोड स्थित कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में द्विवेदी ने बताया कि यात्रा का शुभारंभ अप्रैल में होगा। केदारनाथ के कपाट 22 अप्रैल, बदरीनाथ के 23 अप्रैल और गंगोत्री व यमुनोत्री मंदिरों के कपाट 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन खुलेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में धामों में पुनर्निर्माण और व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। कहा कि बीकेटीसी का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सरल और सुगम दर्शन उपलब्ध कराना है।
इसी के तहत बजट में व्यापक प्रावधान किए गए हैं। यात्रा पंजीकरण में भी तेजी देखी जा रही है। 6 से 16 मार्च तक 6.17 लाख श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है। जिनमें सबसे अधिक संख्या केदारनाथ के लिए है।
द्विवेदी ने बताया कि समिति ने बदरीनाथ और केदारनाथ में गैर सनातनियों के प्रवेश पर रोक संबंधी प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा है। इसके अलावा ऋषिकेश में ट्रांजिट कैंप, तीर्थ पुरोहित कल्याण कोष की स्थापना और धामों में बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया है।
बीकेटीसी अध्यक्ष ने बताया कि यात्राकाल में धामों के निर्धारित क्षेत्रों में मोबाइल, रील, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर प्रतिबंध रहेगा। बताया कि धामों में पेयजल, बिजली, स्वच्छता, आवास और दर्शन व्यवस्था में व्यापक सुधार किए जा रहे हैं। प्रेस वार्ता में बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण, सदस्य प्रह्लाद पुष्पवान, मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ आदि मौजूद रहे।
शीतकालीन यात्रा में भी उमड़ी भीड़
धामों के कपाट बंद रहने के बावजूद शीतकालीन यात्रा के दौरान भी श्रद्धालुओं की आस्था बनी रही। 16 मार्च तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने शीतकालीन पूजा स्थलों पर दर्शन किए। बदरीनाथ के योग बदरी पांडुकेश्वर और नृसिंह मंदिर, जोशीमठ में 20 हजार से अधिक, जबकि केदारनाथ की शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ में 31 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचे।



