चंपावत

चंपावतः कॉर्बेट महोत्सव से मिलेगा साहसिक पर्यटन को बढ़ावा

देहरादून/चंपावत। पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को देहरादून स्थित कैंप कार्यालय से वर्चुअली ‘चंपावत सरस कॉर्बेट महोत्सव-2026’ का शुभारम्भ किया। उन्होंने कहा कि होली पर्व के निकट आते ही काली कुमाऊं क्षेत्र में उत्साह का वातावरण है। यहां की बैठकी होली, खड़ी होली व चौफुला जैसी परंपराएं देशभर में विशिष्ट पहचान रखती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपावत की धरती इतिहास, अध्यात्म और संस्कृति की धरोहर रही है। यह महोत्सव केवल सात दिवसीय आयोजन नहीं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक गरिमा, प्राकृतिक सौंदर्य, मातृशक्ति, युवाओं के उत्साह और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के संकल्प का प्रतीक है। इस वर्ष इसे “शीतकालीन कॉर्बेट महोत्सव” के रूप में भी आयोजित किया जा रहा है, जिससे शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

महोत्सव में पैराग्लाइडिंग, माउंटेन बाइकिंग, हॉट एयर बैलूनिंग, रिवर राफ्टिंग, पैरामोटरिंग, बर्ड वॉचिंग और ट्रेकिंग जैसी गतिविधियों के माध्यम से चंपावत को राष्ट्रीय स्तर पर साहसिक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही मधुबनी चित्रकला व आधुनिक कला कार्यशालाएं, विज्ञान प्रदर्शनी, क्विज, लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम और खाद्य उत्सव भी आयोजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले में ₹20 करोड़ की लागत से 50 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक, ₹55 करोड़ की लागत से टनकपुर-जौलजीबी मार्ग पर स्पान आर्च पुल, ₹177 करोड़ की लागत से भारत-नेपाल सीमा पर ड्राई पोर्ट और ₹57 करोड़ से साइंस सेंटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है।

उन्होंने कहा कि “विकास भी और विरासत भी” के संकल्प के साथ राज्य सरकार उत्तराखंड को श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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