
ऋषिकेश। अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर शनिवार को मूल निवास भू कानून संघर्ष समिति के आह्वान पर गंगाभोगपुर स्थित वनन्तरा रिजॉर्ट के पास प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में विभिन्न सामाजिक संगठनों, जन आंदोलनों और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया।
प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने क्षेत्र में सुरक्षा के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा रिजॉर्ट की ओर बढ़ने का प्रयास किए जाने पर पुलिस और उनके बीच जद्दोजहद हुई। हलांकि सब कुछ नियंत्रण में रहा।
प्रदर्शन के दौरान संघर्ष समिति संयोजक लुशुन टोडरिया ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में सभी जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक मामले में न्याय सुनिश्चित नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
समिति के संस्थापक संयोजक मोहित डिमरी ने बताया कि 30 दिसंबर को देहरादून में एक सर्वदलीय बैठक आयोजित की जाएगी। जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और जन प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा, ताकि मामले को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा की जा सके।
संघर्ष समिति की महिला प्रकोष्ठ संयोजिका कुसुम जोशी ने महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को उठाया। प्रवक्ता हिमांशु रावत ने कहा कि जनता की मांग है कि मामले की जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाए। पूर्व विधायक ओम गोपाल रावत और जिला पंचायत सदस्य पुष्प रावत आदि ने कथित वीआईपी की भूमिका की जांच और उच्च स्तरीय निगरानी में जांच कराने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि दोषियों को कानून के प्रावधानों के अनुसार सख्त सजा दी जानी चाहिए।
सभा के दौरान जनगीतों की प्रस्तुति भी की गई। प्रदर्शनकारियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, सभी संलिप्त लोगों की पहचान सार्वजनिक करने और दोषी पाए जाने वालों को कड़ी सजा देने की मांग दोहराई।
प्रदर्शन में सुदेश भट्ट, राकेश नेगी, प्रमोद काला, संजय सिलस्वाल, विकास रयाल, उषा डोभाल, दिनेश चंद मास्टर, मनोज कोठियाल, सुधीर राय रावत, हिमांशु पंवार, कपिल रावत, पंकज उनियाल, प्रशांत कांडपाल, अर्जुन राणा, गगन बौड़ाई, विपिन नेगी, आकांक्षा नेगी, दीपशिखा नेगी, शीतल नेगी आदि शामिल रहे।



