ऋषिकेश में शहरी नदी प्रबंधन योजना पर मंथन
गंगा, रम्भा व चन्द्रभागा के संरक्षण को लेकर बैठक आयोजित

ऋषिकेश। आईएसबीटी परिसर स्थित नगर निगम कार्यालय में आयोजित शहरी नदी प्रबंधन योजना (Urban River Management Plan–URMP) के अंतर्गत द्वितीय बहुहितधारक कार्य समूह (MSWG) की बैठक में नदी प्रबंधन पर मंथन किया गया। बैठक में आए सुझावों को नमामि गंगे परियोजना ड्राफ्ट बनाकर शासन को भेजेगी।
गुरुवार को मेहयर शंभू पासवान की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में नगर निगम क्षेत्र में बहने वाली गंगा, रम्भा और चन्द्रभागा नदियों के संरक्षण, उनके पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने और पर्यावरण अनुकूल शहर के विकास पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान जानकारों ने अपने सुझावों को साझा किया। जिसके आधार पर बिंदुवार निर्णय लिए गए।
बैठक में नदी संरक्षण पर जोर देते हुए नदियों के जल को स्वच्छ बनाए रखने, उनके प्राकृतिक प्रवाह को संरक्षित करने और संजय झील के प्राकृतिक स्वरूप को बेहतर करने के उपायों पर चर्चा की गई। बरसात के मौसम में संभावित बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए दीर्घकालिक और प्रभावी रणनीति तैयार करने पर सहमति बनी।
अपशिष्ट प्रबंधन के तहत नदियों के पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित रखने के लिए सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि नगर क्षेत्र का ठोस कचरा किसी भी स्थिति में नदियों में प्रवाहित न हो। पर्यटन एवं रिवर फ्रंट विकास को लेकर बैराज के समीप नौकायन (बोटिंग) प्रारंभ करने की संभावनाओं और नदी तटों के सौंदर्यीकरण कर पर्यटन को बढ़ावा देने पर विचार किया गया।
वहीं, एसटीपी एवं मास्टर प्लान विषय के तहत शहर की भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की स्थापना और एक समग्र मास्टर प्लान तैयार करने का निर्णय लिया गया। साथ ही बताया गया कि बैठक के सुझावों और निर्णयों के आधार पर नमामि गंगे परियोजना द्वारा ड्राफ्ट तैयार कर शासन को अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा।
बैठक में मुख्य नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल, सहायक नगर आयुक्त चन्द्रकांत भट्ट समेत नमामि गंगे, जल संस्थान, पर्यटन विभाग, सिंचाई विभाग आदि के अधिकारी मौजूद रहे।



